मुझे अपने 12 महीने के बच्चे को क्या पढ़ाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Fri 21st Oct 2022 : 11:15

12 महीने के बच्चे की देखभाल के लिए आपको क्या जानने की आवश्यकता है?
विकास और व्यवहार
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स्वास्थ्य और सुरक्षा
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ध्यान देने योग्य
12 महीने के बच्चे की देखभाल के लिए आपको क्या जानने की आवश्यकता है?
विकास और व्यवहार
मेरे 12 महीने के बच्चे का विकास कैसा होना चाहिए?
आपका बच्चा अब आधिकारिक रूप से एक साल का हो गया है। पहला कदम लेने के साथ आपका बच्चा अब अधिक आत्मनिर्भर होने लगता है। कुछ 12 महीने के बच्चे चलने की शुरुआत ऐसी समय करते हैं तो कुछ 14 या 15 महीने में लेकिन, अगर आपका 12 महीने के बच्चे अभी नहीं चल पा रहा है तो भी चिंता करने की कोई बात नहीं है। यह सामान्य बात है कि कुछ बच्चे 15-16वें महीने तक चलने की शुरुआत नहीं करते हैं।
कई महीनों तक टूटी-फूटी भाषा बोलने के बाद बच्चे कुछ सही शब्द बना पाते हैं और बोल पाते हैं। ये रातो-रात पूरी होने वाली प्रक्रिया नहीं है और साथ ही बोलने की गति हर बच्चे की अलग-अलग होती है। इन सब के बीच लेकिन, एक बात सामान्य होती है कि बच्चे जितना बोल सकते हैं उससे कहीं अधिक समझ सकते हैं।
मुझे अपने 12 महीने के बच्चे की देखभाल कैसे करनी चाहिए?
अपने 12 महीने के बच्चे को बिना किसी मदद के आगे बढ़ने और चलने के लिए प्रोत्साहित करें। जितना हो सके उन्हें कम से कम गोद लें। अगर आपका बच्चा लड़खड़ाकर चलने की कोशिश कर रहा है तो हो सकता है कि ऐसा करके वो आपकी उंगली पकड़कर चलने में अधिक सुरक्षित महसूस कर सकता है।
अक्सर इस उम्र में दूध उनका पसंदीदा पेय पदार्थ होता है और बच्चों को विकास और ऊर्जा की पूर्ति के लिए वसा की आवश्यकता होती है। अगर आपका वजन ज्यादा है या परिवार में मोटापे, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय संबंधित समस्या रही है तो 12 महीने के बच्चे को डॉक्टर आपको कम वसायुक्त दूध पिलाने की सलाह दे सकता है।
आप जो भी करते हैं, आपका बच्चा देखता है। बच्चे अक्सर अपने आस-पास के लोगों का व्यवहार कॉपी करने की कोशिश करते हैं, खासकर अपने पैरेंट्स का व्यवहार। इससे पता चलता है कि वो सामान्य व्यवहार कैसे करते हैं? हमेशा याद रखें जो चीजें आपके बच्चे को नुकसान कर सकती हैं, उन्हें बच्चे से दूर रखें।
स्वास्थ्य और सुरक्षा
मुझे डॉक्टर से क्या बात करनी चाहिए?
12 महीने के बच्चे की देखभाल के लिए आपको डॉक्टर से दिखाने की सलाह दी जा सकती है। अपने डॉक्टर से मिलने से पहले उनके द्वारा पूछें गए कुछ सवालों के जवाब तैयार कर के रखें। डॉक्टर द्वारा 12 महीने के बच्चे के बारे में पूछे जाने वाले सवाल इस प्रकार हैं:
आपका बच्चा रात में और दिन में कितने घंटे सोता है?
आपका बच्चा ठोस आहार में क्या ले रहा है? उसकी भूख कैसी है? क्या वो खुद से खाना चाहता है?
आपके बच्चे के कितने दांत आ चुके हैं?
क्या आपका बच्चा घुटनों के बल सही से चल लेता है? लड़खड़ाकर चलने की कोशिश करता है? आई कांटेक्ट या अपने नाम पर रिएक्ट करता है?
क्या आपने गौर किया है कि आपका बच्चा अक्सर आंखें मलता है या अपने खिलौनों को अपने चेहरे के बिल्कुल नजदीक लाकर देखता है।
क्या आपका बच्चा तेज आवाज सुनकर अपनी प्रतिक्रिया देता है?
क्या आपका बच्चा आवाज निकालता है, टूटी फूटी भाषा बोलता या कुछ शब्द बोलने की कोशिश करता है?
इन सवालों से डॉक्टर बच्चे की नींद की आदत, शारीरिक और व्यवहारिक विकास के बारे में जान सकते हैं। अपने डॉक्टर को बताएं अगर आपका बच्चा किसी तरह से असुविधा या खुजलाते दिखे क्योंकि ये अक्सर एलर्जी के लक्षण होते हैं।
मुझे किन बातों की जानकारी होनी चाहिए?
डॉक्टर बच्चे की लंबाई , वजन, सिर का आकार नापकर ये नंबर, ग्रोथ चार्ट पर चिन्हित करते हैं। ग्रोथ चार्ट को समझने में थोड़ी समस्या जरूर होती है लेकिन, यह जरूरी है कि आप ग्रोथ चार्ट को समझें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 12 महीने में बच्चे का ग्रोथ चार्ट कुछ ऐसा होना चाहिए। इसे ऐसे समझा जा सकता है-
लड़का: 10 किलोग्राम (वजन), 78 सेमी (लंबाई), 46 सेमी (सिर की परिधि)
लड़की: 5 किलोग्राम (वजन), 78 सेमी (लंबाई), 45 सेमी (सिर की परिधि)
ये आंकड़े 50वें परसेंटाइल को दर्शाते हैं। इसका मतलब है कि एक साल के 50 फीसदी बच्चों का वजन आपके बच्चे के वजन के बराबर या आसपास है और 50 फीसदी बच्चों का वजन आपके बच्चे से ज्यादा है।


अगर आपका बच्चा 25वें परसेंटाइल में आता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे के साथ कोई समस्या है। इसका अर्थ है कि एक साल की उम्र के 25 फीसदी बच्चों की ग्रोथ चार्ट के आंकड़े यही हैं। आपका डॉक्टर किसी खास माप की जगह ग्रोथ रेट पर अधिक ध्यान देता है। अगर आपके बच्चे का विकास रुक गया है और उसका वजन कम या ज्यादा नहीं हो रहा है तो यह समस्या की बात है। अगर बच्चे में कुछ बड़ा बदलाव नजर आता है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
मुझे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?


यहां हम कुछ खास बातें बता रहे हैं कि किन चीजों को लेकर आपको अधिक सजग रहना चाहिए।

बच्चे की आंखों की रोशनी
बच्चों को अक्सर नहीं पता होता है कि उनकी दृष्टि में कोई दिक्कत हो रही है इसलिए आपको सचेत और सतर्क रहना चाहिए। अगर आपका बच्चा भी नीचे दी गई गतिविधियां करता है तो डॉक्टर से जरूर इसकी चर्चा करें:


अक्सर आंखे मिचकाना या स्किवंट करना
अच्छे से देखने के लिए सिर को ऊंचा करना (जैसे कोई तस्वीर या टीवी देखते वक्त)
नींद ना आ रही हो तो भी आंखों को मलना
चीजों को देखने में समस्या होना
ढीले-ढाले तरह से रहना
बच्चे का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता है इसलिए उनमें बड़ों की तुलना में जल्दी विषाक्त होने की संभावना होती है। जैसे प्रेग्नेंट महिलाओं के रक्त में लेड का स्तर अधिक हो तो वो बच्चे में भी ट्रांसफर हो सकता है।



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